आबकारी विभाग द्वारा खुलेआम शराब ठेकेदार के द्वारा गाँव गाँव अवैध शराब की पैकारियां चलाने में ठेकेदार के हौसले इतने बुलंद हो गए । ठेकेदार के गुर्गे देलेरी से टू व्हीलर एवं फोर व्हीलर वाहन से शराब की सप्लाई की जाती है l पुलिस एवं आबकारी विभाग आंखें मूद देखते रहते हैं l अनेकों बार स्थानीय लोगों ने अवैध शराब पैकारियों को बंद कराने लगातार शिकायते की जा रही है । इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने अवैध शराब पैकारियों को बंद कराने में नाकाम साबित हो रहें हैं । पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों के मौन रवैया से इन दिनों उमरियापान, घुघरी,घुघरा, पिपरिया सहलावन, देवरी मंगेंला,बिछिया, टोला, बरेली, बम्हनी,महनेर,मंगेली, बिछिया, कछार गाँव, परसेल, अमकुई, देवरी पाठक, हरदी, शुक्ल पिपरिया, छोटी पौड़ी, खम्हा आदि गांवों में अवैध शराब का कारोबार फैला हुआ । घुघरी निवासी जगमोहन मिश्रा ने बताया कि जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से शराब ठेकेदार के द्वारा बिना भय रोक-टोक के शराब बेचने का कारोबार दिलेरी से किया जा रहा है । गांव की गलियों में चारों तरफ अवैध शराब की बिक्री के चलन से गांव क्षेत्र के युवा वर्ग शराब की लत में आकर अपराध के गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं । अनेक पेकारियां संचलित करने वालोँ ने बताया कि शराब ठेकेदार द्वारा एक पेठी शराब पहुंचाने का 100 रूपया लेता है ।
*जिम्मेदारों पर खड़े हो रहे सवाल*
अवैध शराब पैकारियों पर कार्रवाई न होने के कारण संबंधित जिम्मेदार पुलिस एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों के ऊपर मिलीभगत के सवाल खड़े हो रहे हैं । क्षेत्रीय लोगों की शिकायत करने के बावजूद भी पुलिस एवं आबकारी अधिकारी के मौन रवैया से यह अनुभव लगाया जा सकता है कि आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत के चलते स्थानीय लाइसेंसी शराब ठेकेदारों के माध्यम से ही अवैध शराब पैकारियों के जरिए बिक्री करवाई जा रही है । ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन मारपीट के मामले सामने आ रहे हैं और परिवारों में आपसी कलह का कारण जगह- जगह शराब मिलने का कारण बना हुआ है । अवैध शराब पैकारियों का धंधा जैसा चल रहा था उससे चार गुना बढ़ोतरी में है । इस बढ़ते हुए धंधे से अनुमान लगाया जा सकता है कि संबंधित जिम्मेदारों अधिकारियों का ठेकेदार के ऊपर आशीर्वाद का हाथ रखा हुआ है । खास बात ये है कि अवैध शराब पैकारियों पर रोक न लगने से युवा वर्ग शराब के नशे की लत में पड़ते जा रहे है । जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण युवा वर्ग का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है । जबकि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से कुछ नहीं छुपा है । जगमोहन मिश्रा ने बताया कि शराब ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा वाहनों से खुलेआम गांव गांव अवैध पैकारियां खुलवा कर अंग्रेजी एवं देसी शराब बेची जा रही है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन झगड़े होते रहते हैं । अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरण की नींद से कब जागेंगे ।





