कटनी – किसानों को बिचौलियों, दलालों एवं व्यापारियों के कुत्सित मंसूबों से बचाने के लिये कलेक्टर आशीष तिवारी के द्वारा दिये गये निर्देश के परिपालन में फर्जी धान पंजीयन के सत्यापन से जुड़े मामले में कार्यवाही करते हुये एसडीएम कटनी प्रमोद कुमार चतुर्वैदी ने रीठी तहसील के ग्राम तिघराकला के हल्का नंबर 5 के पटवारी श्री संजय कोल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन की यह कार्यवाही तहसीलदार रीठी के प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।
जनसुनवाई में तहसील रीठी के ग्राम निर्टरा निवासी मीराबाई पति गुलाब सिंह द्वारा शिकायत प्रस्तुत की गई थी कि मीरा बाई पति विनोद कुमार के नाम पर पंजीयन कमांक 226424000047 दर्ज है। जिसका कुल पंजीकृत रकबा 19.37 हेक्टेयर है। पंजीयन में मीरा बाई पति विनोद कुमार के अलावा तहसील रीठी के विभिन्न ग्रामों की मीराबाई नाम की भूमि स्वामियों की जमीनें बिना उनकी जानकारी एवं सहमति के जोड़ी गई थी।
हल्का पटवारी संजय कोल द्वारा तहसीलदार की आईडी से धान की फसल का सत्यापन किया गया था। जिसमें ग्राम बूढा पटवारी हल्का नंबर 39 के खसरा नंबर 63, 64, 283/1 रकबा क्रमशः 2, 0.12, 2 हेक्टेयर का सत्यापन किया गया है तथा ग्राम गोदाना तहसील रीठी किसान कोड 225422310143 किसान का नाम मुकेश कुमार लोधी द्वारा रकवा 23.03 हेक्टेयर का पंजीयन संबंधित किसान एवं संबंधित ग्राम के हल्का पटवारी की जानकारी के बिना ही सत्यापित किया गया है।
इस कृत्य के लिये हल्का पटवारी संजय कोल को तहसीलदार रीठी द्वारा 3 दिसंबर को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था। परंतु, हल्का पटवारी द्वारा कारण बताओं नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जिससे यह परिलक्षित हुआ कि पटवारी श्री संजय कोल द्वारा जानबूझकर धान पंजीयन का गलत सत्यापन किया गया
पटवारी संजय के द्वारा उपरोक्त किसानों की धान की फसल का सत्यापन संबंधित किसान एवं संबंधित हल्का पटवारी की जानकारी के बिना किया गया। जो कि म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (2) के प्रावधनों के अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में आता है।
इसके बाद एसडीएम कटनी चतुर्वेदी ने हल्का पटवारी संजय कोल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में कोल का मुख्यालय तहसील कार्यालय रीठी रहेगा व नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।




