नीमच। सुश्री शीतल बघेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, नीमच द्वारा एक आरोपी को जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप का दोषी पाकर 07 माह तक के कारावास व 1,000रू. जुर्मानें से दण्डित किया। जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर0आर0 चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी फारूख को जिला दण्डाधिकारी, नीमच द्वारा पारित जिलाबदर के आदेश क्रमांक 108/2013 द्वारा 01 वर्ष की अवधी के लिए जिला नीमच की सीमा में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया गया था। दिनांक 20.10.2014 को सुबह के लगभग 09ः45 बजे पुलिस नीमच केंट को मुखबीर से सूचना प्राप्त हुई कि जिलाबदर आरोपी फारूख मौलाना आजाद गली में आकर झगड़ा व गाली-गलौच कर रहा है, सूचना की तस्दीक हेतु पुलिस नीमच केंट मय फोर्स आजाद गली पर पहुॅची, जहॉ आरोपी खड़ा मिला। पुलिस द्वारा उसे जिलाबदर के आदेश के उल्लंघन का दोषी पाकर गिरफ्तार किया व थाना नीमच केंट में उसके विरूद्ध अपराध क्रमांक 585/2014, धारा 15/16 म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 एवं धारा 188 भादवि के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया। विवेचना उपरांत पुलिस द्वारा चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। श्री चन्द्रकांत नाफडे़, एडीपीओ द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में विचारण के दौरान पुलिस फोर्स व पंचसाक्षी सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। सुश्री शीतल बघेल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी नीमच द्वारा आरोपी फारूख पिता बाबू खॉ, उम्र-29 वर्ष, निवासी-मौलाना आजाद नगर, जिला-नीमच को धारा 15/16 म.प्र. राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के अंतर्गत 07 माह का कारावास एवं 500रू. जुर्माना तथा धारा 188 भादवि में न्यायालय उठने तक के कारावास व 500रू. जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी श्री चन्द्रकांत नाफडे़, एडीपीओ द्वारा की गई।
जिलाबदर के आदेश का उल्लंघन करने वाले आरोपी को सजा व जुर्माना।





