मनासा। श्री मनीष पाण्डेय, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा द्वारा 01 आरोपी को सार्वजनिक स्थान पर बिना लाईसेंसी धारदार छूरा अपने कब्जे में रखने के आरोप का दोषी पाकर 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 300रू. जुर्माने से दण्डित किया। जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आर. आर. चौधरी द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 06 वर्ष पूर्व दिनांक 20.10.2013 को शाम के 6 बजे माँ अन्नपूर्णा मंदिर के सामने, आम रोड़, मनासा की हैं। पुलिस मनासा को कस्बा भ्रमण के दौरान मुखबीर सूचना मिली की एक व्यक्ति माँ अन्नपूर्णा मंदिर के सामने, आम रोड़ पर धारदार छूरा लेकर घूम रहा हैं, जो कोई गंभीर घटना को अंजाम दे सकता हैं। मुखबीर सूचना विश्वसनीय होने से पुलिस मनासा पंचान व फोर्स सहित मुखबीर द्वारा बताये स्थान पर पहुची, जहॉ पर एक व्यक्ति धारदार छूरा लेकर घुम रहा था, जिसको पुलिस द्वारा घेराबंदी कर पकड़कर उससे छूरे के लाईसेंस के बारे में पूछा तो उसके पास हथियार का लाईसेंस नही होने से उसके कब्जे से 14 इंच लम्बे छूरे को जप्त कर व उसको गिरफ्तार कर थाना मनासा लाये और उसके विरूद्ध अपराध क्रमांक 436/13, धारा 25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत पंजीबद्ध कर, शेष विवेचना उपरांत चालान मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। श्री अरविंद सिंह, ए.डी.पी.ओ. द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में जप्तीकर्ता अधिकारी व पुलिस फोर्स के सदस्यो सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित कराकर, दण्ड के प्रश्न पर तर्क दिया कि आरोपी सार्वजनिक स्थान पर अवैध हथियार अपने कब्जे में रखे हुए था, जो उसकी आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाता हैं, इसलिए कठोर दण्ड से दण्डित किया जावे। *श्री मनीष पाण्डेय, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी, मनासा* द्वारा आरोपी देवीसिंह पिता शंभूसिंह सौलंकी राजपूत, उम्र 43 वर्ष, निवासी-ग्राम धमोतर, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान) को धारा 25 आर्म्स एक्ट (अवैध रूप से हथियार रखना) में 1 वर्ष के सश्रम कारावास व 300 रूपये जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की और से पैरवी श्री अरविंद सिंह, एडीपीओ द्वारा की गई।
अवैध धारदार छूरा लेकर घुमने वाले आरोपी को 01 वर्ष का सश्रम कारावास।





