कुछ लोगों को तो सम्भावित अध्यक्ष के चक्कर में जाना पड़ा.. तो कुछ को 2015 का नपा चुनाव भारी पड़ा...? पिछले कई दिनों से मंदसौर में तो तरह की बारिश खूब हो रही है... और दोनों ही तरीकों की बारिश से जिले की जनता बड़ी खुश है... एक बारिश तो प्राकृतिक है... पर दूसरी अप्राकृतिक है... यानी भ्रष्ट निक्कमो के तबादलों की बारिश है...? जिन लोगो से 15 सालों से जनता परेशान थी... उस परेशानी से कमलनाथ सरकार और क्षेत्र का भला सोंचने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता नरेंद्र नाहटा ने मुक्ति दिलाने की ठानी है... तभी तो तबादलों की बारिश लोगों में खुशहाली ला रही है...! क्रांतिकारी रिपोर्टर का मानना है कि जिन लोगों के तबादले हो रहे है... उनसे आमजन तो ठीक पक्ष विपक्ष के कई अच्छे नेता भी दुखी थे... क्योंकि वे एक दो बड़े नेताओं के चक्कर में किसी को मौजते ही नही थे... ऐसे में उनका तबादला हो जाना... अनगिनत लोगों का बदला पूरा कर देता है...? साथ में 2015 के नपा चुनाव का भी हिसाब पूरा होता दिख रहा है...! इस चक्कर में मंदसौर नगर पालिका सहित कई विभागों के भ्रष्ट निकम्मे अधिकारियों में बड़ा ख़ौफ़ है... कि अगली लिस्ट में किस किस का नाम है...? और ये डर इस लिए भी दुगना हो गया है... कि पहले नेताओं की सिर्फ धमकी होती थी कि हमारी सरकार आने दे फिर भिंड मुरैना जाएगा... पर अब ऐसा होने भी लगा है... नपा के इंजीनियर राजेश उपाध्याय को तो सीधा चंबल भिंड के बीहड़ में कही पहुंचा दिया है... दूसरे कई लोगों को भी आदिवासी इलाकों में पटक दिया है... यानी पहले तो आस पास तबादला हो जाता था... पर अब बदले का तबादला बड़ा दूर हो रहा है... ऐसे में अधिकारियों में ख़ौफ़ बड़ा है... पर आमजन में इसका अच्छा प्रभाव पड़ता दिख रहा है... और हर कोई कमलनाथ सरकार और नरेंद्र नाहटा जी की वाह वाही कर रहा है..
उमेश नेक्स : पूरी नगर पालिका में तबादलों का ख़ौफ़ छाया है। पता नही अगली लिस्ट में किस किस का नाम आना है ?




