मनासा। श्री आर. के. शर्मा, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा द्वारा दुल्हे को रस्म निभाते हुए लापरवाहीपूर्वक तलवार चलाकर एक बाराती का मानववध किये जाने के अपराध का दोषी पाकर कुल 12 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000रू जुर्माने से दण्डित किया। अभियोजन मीड़िया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा द्वारा घटना की जानकारी देेते हुए बताया कि लगभग 2 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 20.04.2017 की रात्री के 10 बजे ग्राम रिंगवाल के पास स्थित भोई मोहल्ला, थाना रामपुरा की हैं। घटना दिनांक को आरोपी दुल्हे फूलचंद का विवाह होने के कारण बिंदोरी निकल रही थी, जिसमें फरियादी भोनीशंकर तथा उसका पुत्र हेंमत भी शामिल थे। बिंदोरी में रीति रिवाज अनुसार आरोपी घोडी से उतरकर खेजडी की झाडी को काटने के लिये गया, जहाॅ झाडी के आस-पास बहोत लोग खडे हुए थे, यह जानते हुए भी तलवार चलाने से किसी को भी गंभीर चोट आ सकती हैं, आरोपी ने पूरी ताकत से तलवार चलाई, जिसके परिणामस्वरूप तलवार हेमंत के पेट में घुस गई। हेमंत को ईलाज हेतू रामपुरा अस्पताल ले जाया गया, किंतु गंभीर स्थिति होने के कारण उसको नीमच रेफर किया गया, जहाॅ पर हेमंत की मृत्यु हो गई। मृतक हेमंत के पिता भोनीशंकर ने आरोपी के विरूद्ध घटना की रिपोर्ट पुलिस थाना रामपुरा पर की, जिस पर से आरोपी दुल्हे के विरूद्ध अपराध क्रमांक 89/2017, धारा 304(2) भादवि तथा धारा 25 आम्र्स एक्ट का पंजीबद्ध किया गया। पुलिस रामपुरा द्वारा विवेचना पूर्ण कर चालान मनासा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुश्री कविता भट्ट, अतिरिक्त लोक अभियोजक द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में विचारण के दौरान अपराध को प्रामाणित किये जाने के लिए फरियादी, चश्मदीद साक्षीगण सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर अपराध को प्रमाणित करवाया गया। *श्री आर. के. शर्मा, अपर सत्र न्यायाधीश, मनासा* द्वारा आरोपी दुल्हे फूलचंद पिता परमानंद भोई, उम्र-25 वर्ष, निवासी-भोई मोहल्ला, रामपुरा, जिला-नीमच को धारा 304(2) भादवि (आपराधिक मानववध करना) के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास व 2000रू के जुर्माना तथा धारा 25 आम्र्स एक्ट (अवैध रूप से तलवार कब्जे में रखना) में 2 वर्ष के सश्रम करावास व 1000रू जुर्माना, इस प्रकार आरोपी को कुल 12 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 3000रू जुर्माने से दण्डित किया। न्यायालय में शासन की ओर से सुश्री कविता भट्ट, अतिरिक्त लोक अभियोजक द्वारा पैरवी की गई।
तलवार से एक बाराती की मृत्यु कारित करने वाले दुल्हे को 12 वर्ष का सश्रम कारावास।





