इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके भाषण ने हमें प्रेरणा दी। इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके भाषण ने हमें प्रेरणा दी। उनके भाषण में, मैंने जो विशेष वाक्यांश नोट किया था, वह था-"विज्ञान को परिणामों के लिए नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि प्रयोगों के लिए देखा जाना चाहिये जो परिणाम तक ले जाते हैं। शनिवार सुबह इसरो से जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदा ले रहे थे तब चंद्रयान को लेकर सिवन भावुक होकर रो पड़े थे। तब मोदी ने उन्हें दिलासा दिया था। शुक्रवार की देर रात चांद से महज 2.1 किलोमीटर की दूरी पर चंद्रयान-2 के लैंडर "विक्रम" से ISRO का संपर्क टूट गया। 22 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से जीएसएलवी-मार्क3 रॉकेट की मदद से चंद्रयान-2 को प्रक्षेपित किया गया था। इसके बाद से अलग-अलग चरणों से गुजरते हुए यान चांद की कक्षा में पहुंचा था। दो सितंबर को यान के ऑर्बिटर से लैंडर विक्रम को अलग किया गया था। लैंडर के अंदर ही रोवर प्रज्ञान भी था। ऑर्बिटर से अलग होने के बाद लैंडर को दो चरणों में चांद के नजदीक लाया गया था। PM मोदी ने दी हिम्मत- वैज्ञानिकों के उत्साहवर्धन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्यालय में उपस्थित थे। इसरो प्रमुख के. सिवन से संपर्क टूटने की जानकारी मिलने के बाद मोदी ने वैज्ञानिकों को ढांढस बंधाया। मोदी ने कहा, "आपके चेहरों पर निराशा दिख रही है। हमने बहुत कुछ सीखा है। यह साहस का समय है और हम साहस बनाए रखेंगे।" सुबह आठ बजे फिर मोदी ने इसरो मुख्यालय पहुंचकर वैज्ञानिकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "हम बहुत नजदीक पहुंच गए थे, लेकिन आगे हमें और ध्यान रखने की जरूरत है। देश को हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रमों और वैज्ञानिकों पर गर्व है। अभी हमारा सर्वश्रेष्ठ पल आना बाकी है। देश आपके साथ है।"
चन्द्रयान-2 प्रधानमंत्री मोदी ने दिया दिलासा तो इसरो प्रमुख की बंधी हिम्मत, कही यह बात।





