। नीमच। श्री जसवंत सिंह यादव, विशेष न्यायाधीश, (एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985) नीमच के द्वारा आरोपी को अमानक अफीम नारकोटिक्स विभाग को विक्रय करने का दोषी पाकर 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 लाख रूपये जुर्माने से दण्डित किया। सहायक अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ आकाश यादव द्वारा घटना की जानकारी देते हुए बताया कि घटना लगभग 9 वर्ष पूर्व की होकर दिनांक 08.04.2011 की है। आरोपी बिहारीलाल निवासी ग्राम कुंडला को वर्ष 2010-2011 के लिये अफीम का पटृटा शर्तो के अधिन प्राप्त हुआ था, जिसके अनुसार पट्टेदार को शुद्ध अफीम विभाग को देनी होती हैं। घटना दिनांक को आरोपी जब अफीम लेकर पहुॅचा तो संबंधित अधिकारी नें उसमें से सैम्पल निकालकर जॉच करवाई। जॉच रिपोर्ट मे संबंधित अफीम में मिलावट होना पाया गया, जिस पर से मुख्य प्रबंधक द्वारा आरोपी पर अफीम की कुल राशि का जुर्माना अधिरोपित किया गया साथ ही आगे की कार्यवाही के लिए केन्द्र नारकोटिक्स विभाग को सूचित किया। जिस पर से विभाग ने आरोपी के विरूद्ध धारा 8/19, एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्व किया। सभी साक्षियों के कथन व साक्ष्य एकत्रित कर परिवाद विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। श्री सुशील ऐरन, विशेष लोक अभियोजक द्वारा न्यायालय में विवेचना अधिकारी, सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराकर आरोपी द्वारा अफीम का गबन करने के अपराध को प्रमाणित कराकर, आरोपी को विधि की मंशा के अनुसार उदाहरण स्वरूप कठोर दंड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया। श्री जसवंत सिंह यादव, विशेष न्यायाधीश, (एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985) नीमच द्वारा आरोपी बिहारीलाल पिता भेरूलाल, उम्र-60 वर्ष, निवासी- ग्राम कुण्डला थाना मनासा जिला नीमच को धारा 8/19, एन.डी.पी.एस. एक्ट 1985 के अंतर्गत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 लाख रूपये जुर्माने से दण्डित किया गया। न्यायालय में शासन की ओर स पैरवी श्री सुशील ऐरन, विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।
अफीम का गबन करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास 1 लाख रूपये जुर्माना




