नीमच 01 फरवरी । श्री शीत लेश्वर महादेव मंदिर समिति स्कीम नं. 34 नीमच के तत्वाधान में 1 फरवरी शनिवार सुबह 10 बजे बालाजी एवं महादेव परिवार प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं श्रीमद् भागवत अमृत ज्ञान गंगा का शंखनाद विकास नगर स्थित दुर्गा वाटिका मंदिर में पूजा अर्चना जल कलश से हुआ । कलश एवं श्रीमद् भागवत पौथीजी महादेव शिव परिवार एवं बालाजी प्रतिमा की शोभायात्रा विकास नगर क्षेत्र के प्रमुख मार्गो से होती हुई श्रीमद् भागवत कथा पांडाल में पहूंचकर भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव में परिवर्तित हो गई । खुली जीप रूपी रथ में महादेव परिवार एवं हनुमान बालाजी परिवार की प्रतिमाएं विराजित थी । जिनका फुलों से श्रृंगार किया गया । बैण्ड पर मधुर कर्णप्रिय भजनों की स्वर लहरियां बिखर रही थी । भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 12 से 4 बजे तक प्रवाहित होगी । भगवताचार्य पं. दिलखुश नागदा महाराज श्री ने कहा कि भागवत ज्ञान गंगा विनम्रता के साथ जीवन जीने की कला सिखाती है भागवत ग्रथ मूल रूप से सत्य की गाथा का ग्रंथ है सच्चे मन से शुद्ध भाव से भागवत कथा श्रवण करे तो संसार के 84 चक्कर से मुक्ति मिल सकती है भागवत श्रवण से इंसान तो क्या प्रेत आत्मा का भी मोक्ष हो जाता है भागवत श्रीकृध्या का वांगमय स्वरूप है भागवत कथा श्रवण में आनंद की अनुभूति होती है सत्संग गति भक्ति का सर्वोत्तम पर्याय है भक्ति 9 प्रकार की होती है भागवत ज्ञान बिना भक्ति नहीं आती है । भक्ति से ही भगवान तक पहूंचने की राह मिलती है उन्होंने आत्मदेव गौकर्ण, घुंघली धुंधकारी एवं श्रीमद् भागवत के महात्मा पर विस्तार से प्रकाश डाला । भागवत कथा में महाराजश्री ने जब कोई नहीं आता मेरे घनश्याम आते है... राम सियाराम जय जयराम... श्रीमन नारायण-नारायण... आदि भजनों की प्रस्तुति दी । इस अवसर पर मुकेश बिंदल, अनिल जैन, रामचन्द्र मदन सिसोदिया, प्राण जीवन पारिक, इन्द्रमल अठवानी, बी.एल. जेवरिया, मदनसिंह ललित श्रीवास्तव, महेश वीरवाल, गुप्ता लालजी सोनी, निरंजनदेव नरेला, संजय सोनी, मनीष पटवा, राजेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्ािित थे । कार्यक्रम की श्रृंखला में 3 फरवरी को सुबह 9 बजे स्थापित देव पूजन एवं मूर्ति संस्कार विधि विधान से आयोजित होगा । जिसके लिए विद्ववान पण्डितों का मार्गदर्शन मिलेगा ।
प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव व भागवत कथा का शंखनाद कलशयात्रा से हुआ




