अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ‘एक बगिया माँ के नाम’ कार्यक्रम में महिलाओं को किया गया ड्रिप सेट वितरित।
कटनी – अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ के प्रांगण में अडानी फाउंडेशन एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वाधान में “एक बगिया माँ के नाम” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्व‑सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आजीविका संवर्धन एवं आधुनिक कृषि गतिविधियों हेतु ड्रिप सिंचाई सेट का वितरण किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर थीं। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जिला पंचायत से सीमा सिंह, संजय सोधियॉ सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। साथ ही विभिन्न ग्रामों से आई स्व‑सहायता समूह की बड़ी संख्या में महिलाएं भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
*फील्ड विजिट और ड्रिप सेट वितरण*
कार्यक्रम के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्रीमती कौर ने पौधारोपण क्षेत्र का फील्ड विजिट किया और “एक बगिया माँ के नाम” के तहत महिलाओं द्वारा किए जा रहे फलदार पौध रोपण का निरीक्षण किया। इसके उपरांत जनपद पंचायत प्रांगण में पहुँची 67 स्व‑सहायता समूह महिलाओं को ड्रिप सिंचाई सेट प्रदान किए गए।
इन सेटों के माध्यम से महिलाएं फलदार पौधारोपण, बागवानी और अन्य कृषि गतिविधियों में कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं की आय बढ़ाएगी, बल्कि पोषण वाटिका, पर्यावरण संरक्षण और जल बचत को भी बढ़ावा देगी।
*आजीविका उत्पाद मेले का समावेश*
कार्यक्रम स्थल पर आजीविका उत्पाद मेले का भी आयोजन किया गया, जिसमें स्व‑सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए घरेलू उत्पाद, संरक्षित खाद्य, फल‑सब्जी आधारित उत्पाद तथा हस्तशिल्प आदि का प्रदर्शन किया गया। अतिथियों ने मेले में प्रदर्शित उत्पादों की सराहना की और महिलाओं के कार्य, सर्जनात्मकता एवं आत्मनिर्भरता की विशेष रूप से प्रशंसा की।
*सीईओ का उद्बोधन: महिला सशक्तिकरण समाज की आधारशिला*
कार्यक्रम में संबोधित होते हुए सीईओ जिला पंचायत हरसिमरनप्रीत कौर ने कहा कि “महिलाएं समाज की सबसे महत्त्वपूर्ण शक्ति हैं।” उन्होंने बताया कि जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त होती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार, समाज और अंततः राष्ट्र पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि “महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है।” उन्होंने स्व‑सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सराहा।
सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की पहलों को सराहते हुए कहा कि यह महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा – “जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो उसके साथ पूरा परिवार आगे बढ़ता है, और जब परिवार सशक्त होता है, तो समाज भी सशक्त बनता है।” उन्होंने महिलाओं को नवाचार अपनाने, बागवानी, ड्रिप सिंचाई जैसी आधुनिक तकनीकों को ग्रहण करने और अन्य आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
*उत्कृष्ट महिलाओं को सम्मान*
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व‑सहायता समूह की महिलाओं को सम्मानित भी किया गया। अतिथियों ने इनकी मेहनत, लगन एवं नवाचार की उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि महिलाओं की मेहनत से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा और दिशा मिल रही है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं ने “एक बगिया माँ के नाम” को महिला आर्थिक सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और पोषण सुरक्षा की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अब वे न केवल स्वयं की आजीविका सुरक्षित कर सकेंगी, बल्कि अपने परिवारों के लिए भी स्वस्थ भविष्य बना सकेंगी।





