Follow Us

  • Home
  • /
  • बड़ी खबर
  • /
  • दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं, LG और CM मिलकर करें कामः सुप्रीम कोर्ट

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं, LG और CM मिलकर करें कामः सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। दिल्ली में राज्य सरकार और केंद्र के बीच जारी अधिकारों की जंग पर सुप्रीम कोर्ट की पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने बुधवार को फैसला सुनाया। अपने फैसले में पांच जजों की बैंच ने कहा कि लोकतंत्र में जनता की चुनी सरकार का महत्व है। इसलिए मंत्रिमंडल के पास फैसले लेने का अधिकार है। तीन जजों ने एकमत से कहा कि एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं लेकिन वो कैबिनेट के साथ समन्वय के साथ काम करें। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जनता की जीत करार दिया है। सिसोदिया ने कहा कि यह एक लैंडमार्क फैसला है और अब सरकार को अपनी फाइले मंजूरी के लिए एलजी के पास नहीं भेजनी होंगी। कोर्ट ने कही यह अहम बातें- - राज्य में चुनी हुई सरकार है और एलजी उसके फैसले में बाधा नहीं डाल सकते। - चुनी हुई सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही है। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्य में अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है। - सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि शक्तियों का समन्वय होना चाहिए। शक्ति एक जगह केंद्रित नहीं हो सकती। - कोई भी सरकार जनता को उपलब्ध होनी चाहिए। हमारी संसदीय प्रणाली है और और केंद्र संसद के प्रति जवाबदेह है। - सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करें। संघीय ढांचे में राज्यों को स्वतंत्रता है। - कोर्ट ने कहा कि जनमत महत्वपूर्ण है और इसे तकनिकी मामलों में नहीं उलझाया जा सकता। - एलजी दिल्ली के प्रशासक हैं क्योंकि और राज्यों के मुकाबले दिल्ली की स्थिति भिन्न है। - अगर किसी मामले पर राज्य कैबिनेट से एलजी की राय मेल नहीं खाती है तो एलजी उसे खारिज करने की बजाय राष्ट्रपति को भेजे। - कोर्ट ने कहा कि कैबिनेट को भी लिए गए फैसले के लिए एलजी की मंजूरी जरूरी नहीं है लेकिन उन्हे हर फैसला बाताया जाए। - राज्य सरकार कोई भी फैसला अकेले लेकर उसे लागू कर दे यह ठीक नहीं है। संसद का बनाया कानून सर्वोच्च है, हालांकि, कुछ मामलों में राज्य सरकार कानून बना सकती है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने उप राज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक मुखिया घोषित करने के हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अपीलीय याचिका में दिल्ली की चुनी हुई सरकार और उप राज्यपाल के अधिकार स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति एमएम खानविल्कर, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश दिग्गज वकीलों की चार सप्ताह तक दलीलें सुनने के बाद गत छह दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल सुब्रमण्यम, पी. चिदंबरम, राजीव धवन, इंद्रा जयसिंह और शेखर नाफड़े ने बहस की थी जबकि केन्द्र सरकार का पक्ष एडीशनल सालिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने रखा था। दिल्ली सरकार की दलील थी कि संविधान के तहत दिल्ली में चुनी हुई सरकार है और चुनी हुई सरकार की मंत्रिमंडल को न सिर्फ कानून बनाने बल्कि कार्यकारी आदेश के जरिये उन्हें लागू करने का भी अधिकार है। दिल्ली सरकार का आरोप था कि उप राज्यपाल चुनी हुई सरकार को कोई काम नहीं करने देते और हर एक फाइल व सरकार के प्रत्येक निर्णय को रोक लेते हैं। हालांकि दूसरी ओर केंद्र सरकार की दलील थी कि भले ही दिल्ली में चुनी हुई सरकार हो लेकिन दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। दिल्ली विशेष अधिकारों के साथ केंद्र शासित प्रदेश है। दिल्ली के बारे में फैसले लेने और कार्यकारी आदेश जारी करने का अधिकार केंद्र सरकार को है। दिल्ली सरकार किसी तरह के विशेष कार्यकारी अधिकार का दावा नहीं कर सकती।

मालवांचल

[ View All ]

MLB स्कूल भरभडिया में अनूठी पहल: नन्हे हाथों ने मिट्टी से बनाए गणेश जी

महारानी लक्ष्मीबाई पब्लिक स्कूल (MLB ) में हर्षोल्लास से मनाया जन्माष्टमी एवं शिक्षक दिवस।

जमीनी हकीकत — श्रृंखला 02 , मधुसूदन शर्मा की कलम से @ भरभड़िया शासकीय स्कूल के टॉयलेट के पास 15 फीट गहरा खुला नाला, बिना सुरक्षा इंतजाम के बच्चों पर मंडरा रहा खतरा , लगभग 15 फीट चौड़े नाले के किनारे न फेंसिंग, न बैरिकेडिंग; बारिश में बढ़ जाता है बहाव, ग्रामीणों के पशुओं के गिरने का भी खतरा

जमीनी हकीकत — श्रृंखला 01 मधुसूदन शर्मा की कलम से@ भरभड़िया में शासकीय स्कूल तक नहीं बनी पक्की सड़क, बारिश में कीचड़ और गंदे पानी से गुजरने को मजबूर विद्यार्थी।

कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न

नीमच न्यायालय ने डोडाचूरा तस्कर को 11 वर्ष के सश्रम कारावास से किया दंडित।

अघोषित बिजली कटौती बंद करो, वरना गांव-गांव जलेंगे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और विधायकों के पुतले- तरुण बाहेती

जीरन में गूंजा छात्र न्याय का नारा : NEET घोटाले और राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर ब्लॉक कांग्रेस का बड़ा हल्लाबोल, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन 

विडियो

[ View All ]