दतला मोरी हिरन समिति ने अनुविभागीय अधिकारी ढीमरखेड़ा को सौंपा ज्ञापन, मशीन जब्त करने की मांग।
ढीमरखेड़ा _गर्मी के मौसम में जब नदियां सूखने की कगार पर हैं, तब कुछ दबंग किसान मशीनें लगाकर नदियों का बचा जल अपनी फसलों की सिंचाई में उड़ेल रहे हैं इसका खामियाजा भुगत रहे हैं बेजुबान पशु-पक्षी और जलीय जीव, जो एक-एक बूंद पानी को तरस रहे हैं नर्मदा नदी के पुनर्जीवन के लिए पिछले 6 वर्षों से सक्रिय दतला मोरी हिरन संयुक्त समिति ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ढीमरखेड़ा को ज्ञापन सौंपकर इस अवैध जल दोहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की
समिति ने बताया कि 14 से 25 अप्रैल तक चल रहे जागरूकता अभियान के दौरान यात्रा में देखा गया कि कई स्थानों पर लोग मूंग-उड़द की फसल की सिंचाई के लिए नदियों के भराव क्षेत्र से मशीनों द्वारा पानी खींच रहे हैं। इससे सूखती नदियों में जो थोड़ा-बहुत पानी बचा है, वह भी समाप्त होता जा रहा है।
मशीन से पानी खींचने वालों की मशीनें तत्काल जब्त कर उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया जाए नदी का बचा पानी पूरे गांव की साझा संपत्ति है, इसका व्यक्तिगत सिंचाई में उपयोग बंद हो प्रत्येक ग्राम में 10 महिला, 10 पुरुष सदस्यों की ग्राम रक्षा समिति का पुनर्गठन किया जाए और उन्हें पुलिस संरक्षण प्रदान किया जाए,
*समिति के प्रमुख एडवोकेट अटल बिहारी वाजपेई सतीश ज्योतिषी राजेश ब्योहार जितेंद्र गौतम प्रयाग दुबे बिंदा्स पटेल अक्षतदीप समस्त सदस्य उपस्थित रहे*।





