तहसील ढीमरखेड़ा में अवैध शराब का कारोबार बेलगाम हो गया है। गांव-गांव, गली-गली में अवैध शराब खुलेआम बिक रही है, लेकिन आबकारी विभाग ने मौन धारण कर रखा है। विभाग की इस चुप्पी से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैला हुआ है, खासकर ग्रामीण महिलाओं में जबरदस्त नाराजगी देखी जा रही है।
महिलाओं का कहना है कि उनके पति और बेटे दिन भर की मेहनत-मजदूरी की सारी कमाई शाम को शराब में उड़ा देते हैं। घर में खाने तक के लाले पड़ रहे हैं, बच्चे भूखे सो रहे हैं और घरेलू कलह व मारपीट रोज की बात हो गई है।
*सस्ती शराब पर बड़ा सवाल - सागर हादसा दोहराने का डर*
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में जो अवैध शराब बिक रही है, वह शासकीय दुकान से भी आधी कीमत पर मिल रही है। जानकारी के मुताबिक, यह शराब बेहद संदिग्ध और नकली है।
हाल ही में सागर जिले में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों में डर बैठ गया है कि कहीं ढीमरखेड़ा में भी सागर जैसा बड़ा हादसा न हो जाए। लोगों का आरोप है कि आधी कीमत पर बिक रही यह शराब जहरीली हो सकती है, क्योंकि बिना मिलावट के कोई भी ठेकेदार इतने कम दाम पर शराब नहीं बेच सकता।
*आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल*
क्षेत्रवासियों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री की सूचना कई बार आबकारी विभाग को दी गई, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का आरोप है कि विभाग की मिलीभगत या अनदेखी के कारण ही अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
ग्रामीण महिलाओं और जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर और जिला आबकारी अधिकारी से मांग की है कि गांव-गांव बिक रही अवैध शराब पर तत्काल रोक लगाई जाए, सैंपल की जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी बड़ी जनहानि को रोका जा सके।




