नीमच। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दिन और रात के समय हो रही अघोषित बिजली कटौती को लेकर अब कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने मंगलवार को ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात कर ग्रामीण क्षेत्र में हो रही अघोषित विद्युत कटौती पर आक्रोश जताया एवं इससे ग्रामीणों को हो रही परेशानियों से अवगत कराते हुए बिजली व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की। मुलाकात के दौरान बाहेती ने सरकार और बिजली विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि लोड शिफ्टिंग एवं अन्य कारणों के नाम पर की जा रही अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद नहीं हुई तो कांग्रेस गांव-गांव में मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री एवं स्थानीय विधायकों के पुतले जलाकर विरोध दर्ज कराएगी एवं जिले स्तर का आंदोलन करेगी।
-रात्रिकालीन कटौती से बढ़ी परेशानी, रात में चैन की नींद भी छिनी-
तरुण बाहेती ने कहा कि जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिदिन रात्रि में तीन से पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। उन्होंने कहा कि रात में बिजली गुल होने से ग्रामीणों की समस्याएं कई गुना बढ़ गई हैं। भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में बिजली न रहने से लोग रातभर पंखे-कूलर के बिना जागकर बिताने को मजबूर हैं। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बुजुर्ग और बीमार लोगों को सांस लेने में तकलीफ और बेचैनी की शिकायत आम हो गई है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों में भय का माहौल है, क्योंकि अंधेरे में असामाजिक तत्वों की सक्रियता बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
-शिकायतें बढ़ीं तो जवाब देने से बच रहे अधिकारी, ग्रामीणों में उबल रहा आक्रोश-
बाहेती ने आरोप लगाया कि ग्रामीण लगातार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हर बार लोड सेटिंग, तकनीकी खराबी या अन्य कारण बताकर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को न तो बिजली कटौती की पूर्व सूचना दी जाती है और न ही यह बताया जाता है कि बिजली कब तक बहाल होगी। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि जनता को अंधेरे में रखना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। बाहेती ने कहा कि लगातार हो रही इस अघोषित कटौती से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गांव-गांव में लोग सड़कों पर उतरकर विरोध जताने की तैयारी में हैं। तरुण बाहेती ने कहा कि जनता का धैर्य अब जवाब देने लगा है और यदि समय रहते हालात नहीं सुधरे तो यह आक्रोश बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
-कलेक्टर से की तत्काल हस्तक्षेप की मांग-
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा से मांग की कि बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी तकनीकी कारण से बिजली बंद करनी पड़े तो उसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए, ताकि लोग अपनी आवश्यक व्यवस्था कर सकें।
जनसुनवाई में बिजली कंपनी अधिकारियों से हुई बातचीत-
जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में भी तरुण बाहेती ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया और बिजली कंपनी के अधिकारियों को बुलाकर सीधी बातचीत की। जिला पंचायत सीईओ और एडीएम की उपस्थिति में हुई इस चर्चा में बिजली कंपनी के अधिकारियों ने 2 दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार करने का आश्वासन दिया। इस पर जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 2 दिन में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस का आंदोलन और तेज गति से चलाया जाएगा।
-कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी-
तरुण बाहेती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस जनता की समस्याओं पर मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी। यदि अघोषित बिजली कटौती शीघ्र बंद नहीं हुई तो पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव-गांव आंदोलन करेगी। मुख्यमंत्री और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और स्थानीय विधायकों के पुतले जलाए जाएंगे, बिजली विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा तथा चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और यदि सरकार इसमें विफल रहती है तो जनता की आवाज बनकर कांग्रेस सड़कों पर उतरने से पीछे नहीं हटेगी। श्री बाहेती ने कहा कि जिले के ग्रामीण लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं। अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि नियमित और निर्बाध बिजली आपूर्ति चाहिए। यदि प्रशासन और बिजली विभाग ने समय रहते स्थिति नहीं सुधारी तो इसका जवाब पूरे जिले में व्यापक जन आंदोलन के रूप में दिखाई देगा।





