Follow Us

  • Home
  • /
  • सामाजिक
  • /
  • कटनी ढीमरखेड़ा से अभिलाषा तिवारी @माँ वीरासन देवी के दर्शन को बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त। चैत्र बसंत नवरात्र महापर्व में हो रही मां वीरासन देवी, छोटी मढ़िया, बड़ी बढ़िया देवी स्थलों की विशेष पूजा।

कटनी ढीमरखेड़ा से अभिलाषा तिवारी @माँ वीरासन देवी के दर्शन को बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त। चैत्र बसंत नवरात्र महापर्व में हो रही मां वीरासन देवी, छोटी मढ़िया, बड़ी बढ़िया देवी स्थलों की विशेष पूजा।

सिलौडी- सिलौडी से सात किलोमीटर दूर जंगलों के बीच स्थित प्रसिद्ध देवी स्थल मां वीरासन देवी (कचनारी) में नवरात्र महापर्व में माता के दर्शन को भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। माता के भक्त दूर दराज से सुबह से ही माता की पूजा अर्चना दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
 घने जंगलों के बीचों बीच स्थापित है जगत जननी माँ वीरासन देवी का मनोकामना पूर्ण करने वाला मन्दिर इस स्थान का मुख्य रूप है यहाँ पर विराजमान माँ वीरासन देवी की प्रतिमा। माता की प्रतिमा प्राचीन काल की बनी हुई है l माँ वीरासन देवी की प्रतिमा घनघोर जंगल के बीच में स्थापित हैं, और अपने भक्तों की मनोकामनाओ को पूरा करती हैं। माता रानी के दर्शन करने के लिए हर वर्ष माता के भक्त बड़ी संख्या में पहुंचते रहे है।
 मंदिर प्रांगण में हर वर्ष की दोनों नवरात्र में 10 दिन मेला लगता है। मंदिर के आस पास पर खुदाई के द्वारा और भी कई प्राचीन अवशेष मिले हैं। मंदिर से कुछ ही दूरी पर खेत में खुदाई करने के दौरान एक कुआं भी मिला था, जो कि देखने में बहुत ही पुराना है प्रतीत होता है, यह मंदिर गवर्नमेंट के अधीनस्थ ट्रस्ट पर हैं। मंदिर पहुंच माता के दर्शन कर भक्त पुन्यलाभ अर्जित कर माता से जगत कल्याण हेतु प्रार्थना कर मनोकामना मांग रहे है।
माँ वीरासन देवी से 3 कि.मी. की दूरी पर घूघरा स्थित जलप्रपात है जंहा नदी के बीच एक चट्टान हांथी का रूप धारण किये हुए है हांथी नुमा चट्टान में आँख कान सूंड पूंछ सब अंग स्पष्ट दिखाई देते है हांथी के पिंछे वाली चट्टानों में विभिन्न प्रकार के पैरो की आक्रतिया (घोड़े आदि की) स्पष्ट दिखाई देती है, यंहा रंग बिरंगे छोटे छोटे पत्थर के टुकड़े मिलते है, बहुत से लोग चट्टानों पर अपना नाम भी इन्ही रंग बिरंगे पत्थरो से लिख कर सजाते  है, यहां की प्राचीन कहानी है जो बुजुर्गो के अनुसार अनंत काल में घूघरा नदी से बारात निकल रही थी जो यंहा समा गई थी जिसके ये निशान है जो अभी भी दिखाई देते है, इन्हीं पत्थरों के ऊपर चड़कर लोग कुण्ड में कूदकर स्नान करते है। जो दर्शनिक केंद्र बना हुआ है। 
*मेहदेई माता, परवा की मढ़िया, नेगई में खेरमाता, अतरसुमा में माता, सुनारखेडा की खेरमता आदि क्षेत्र स्थित देवी मंदिरों एवं सिलौडी में बड़ी मढ़िया, छोटी मढ़िया, देसहाई माता, खेरमाता आदि देवी स्थलों में दर्शन करने पहुंच रहे भक्त* - 22 मार्च बुधवार से प्रारंभ हुआ शक्ति की देवी का महापर्व नवरात्र में सिलौडी कस्बा समेत क्षेत्र के सभी ग्रामों पर माता जगत जननी की आराधना से सारा वातावरण भक्तिमय है। देवी मंदिरों में भजन कीर्तन, भक्ते, पाठ आदि का आयोजन हो रहा है। माता की रोज सुबह और शाम में पूजन आरती से माँ की आराधना की जा रही है। अनेक भक्तो द्वारा 9 दिन का उपवास किया जा रहा है। ग्राम के पुजारी, पुरोहित, पंडा एवं भक्त गण दिन भर एवं रात्रि पर माँ के पूजन आरती में लीन है। छोटी मढ़िया, बड़ी मढ़िया, खेर माता, देसाई माता आदि देवी स्थलों पर सुबह से ही भक्त जल अर्पित एवं दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सारा वातावरण माता की भक्ति में भक्तिमय है।

मालवांचल

[ View All ]

अघोषित बिजली कटौती बंद करो, वरना गांव-गांव जलेंगे मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और विधायकों के पुतले- तरुण बाहेती

जीरन में गूंजा छात्र न्याय का नारा : NEET घोटाले और राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर ब्लॉक कांग्रेस का बड़ा हल्लाबोल, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन 

23 जुलाई को आईटीआई नीमच में लगेगा युवा संगम रोजगार, स्वरोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेला

बाल कल्याण समिति के कानूनी अभिभावक प्रमाण पत्र से दो दिन में बना अनाथ बालिका का आधार कार्ड

सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न सड़क सुरक्षा नियमों के प्रभावी पालन के लिए दिए गए सख्त निर्देश

जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक संपन्न स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान, हॉट स्पॉट क्षेत्रों में शिविर एवं सख्त निगरानी पर जोर

रेडक्रॉस ओर गोमाबाई नेत्रालय की पहल, निशुल्क नेत्र शिविर,व निशुल्क ऑपरेशन की सुविधा , 200 से अधिक मरीजो ने लिया लाभ 

हॉस्टल अधीक्षक 1 लाख रिश्वत लेते पकड़ाया:10 दिन बाद भी सस्पेंड नहीं, पैसों से जुड़े कागजातों को गायब करने की आशंका

विडियो

[ View All ]