ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे निर्माण कार्यों को अधिक टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जिला पंचायत सदस्य एवं संचार-संकर्म स्थायी समिति के अध्यक्ष अजय गोटिया ने गुरुवार को भोपाल से दौरे पर आए राज्य स्तरीय तकनीकी अधिकारी से महत्वपूर्ण चर्चा की।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख अभियंता (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) के.एस. मिर्धा इन दिनों संभाग के भ्रमण पर हैं। इसी क्रम में अजय गोटिया ने कटनी के अरिंदम होटल में उनसे सौजन्य भेंट कर जिले के विकास कार्यों का रोडमैप रखा।
*"सड़क से लेकर पानी तक, हर काम में तकनीक और पारदर्शिता जरूरी"*
अजय गोटिया ने कहा कि जिले में सड़क, नाली, सीसी रोड, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन और जल जीवन मिशन के तहत होने वाले कार्यों की गुणवत्ता ही हमारी असली पहचान है। अगर तकनीकी प्राक्कलन सही होगा और निर्माण के दौरान मानकों का पालन होगा, तो ये निर्माण 20 साल तक गांव वालों के काम आएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि निर्माण में आधुनिक तकनीक, सही मटेरियल टेस्टिंग और थर्ड पार्टी निगरानी को अनिवार्य किया जाए।
इस पर प्रमुख अभियंता मिर्धा ने कहा कि शासन की मंशा भी यही है कि हर गांव में गुणवत्तापूर्ण और मानक स्तर के निर्माण हों। उन्होंने बताया कि विभाग अब तकनीकी स्वीकृति और गुणवत्ता नियंत्रण पर विशेष फोकस कर रहा है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।
अजय गोटिया ने कहा कि जनप्रतिनिधि और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से ही ग्रामीण विकास की परिकल्पना साकार होगी और इसके लिए वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे।
बैठक के दौरान ग्रामीण यांत्रिकी सेवा की प्रभारी कार्यपालन यंत्री मेघा मौर्य, सहायक यंत्री अजय केसरवानी, अभिषेक त्रिपाठी और योगेंद्र असाटी मौजूद रहे।





