विजयराघवगढ़ 9 सितंबर को थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। हादसे से सबक लेते हुए थाना विजयराघवगढ़ ने शनिवार को स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा अभियान छेड़ दिया।
*छुट्टी के दिन थाने बुलाईं स्कूल बसें*
थाना प्रभारी अभिषेक चौबे की अनूठी पहल के तहत आज क्षेत्र के सभी प्राइवेट और अर्द्धशासकीय स्कूलों की बसों और वैन को छुट्टी के दिन थाने में तलब किया गया। मकसद साफ था - बिना बच्चों को परेशान किए, उनकी सुरक्षा में लगी गाड़ियों की पूरी जांच हो सके।
शनिवार सुबह से ही थाना परिसर स्कूल बसों का अड्डा बना रहा। एक-एक कर करीब 40 स्कूली वाहनों की सघन जांच की गई।
कागज ही नहीं, चालक का चरित्र भी देखा:
पुलिस ने सिर्फ गाड़ी के कागज - परमिट, फिटनेस, इंश्योरेंस नहीं देखे, बल्कि हर ड्राइवर का आपराधिक रिकॉर्ड भी थाने के रजिस्टर से मिलाया गया और उसका सत्यापन कर नया रजिस्टर बनाया गया।
गेट से लेकर सीट तक जांच:* टीम ने देखा कि क्या बसों के दरवाजे ऑटो-लॉक हैं? बच्चों की सीटें टूटी तो नहीं हैं? फर्स्ट-एड किट और आग बुझाने का यंत्र है या नहीं?
थाना प्रभारी अभिषेक चौबे ने बताया, "बच्चों की सुरक्षा से बड़ा कोई काम नहीं। हमने अवकाश का दिन इसलिए चुना ताकि स्कूल के समय बच्चों को रोकना न पड़े। जिन वाहनों में कमियां मिली हैं, उन्हें नोटिस देकर तुरंत सुधार करने को कहा गया है। यह अभियान कल भी जारी रहेगा।"
चेकिंग के दौरान सभी ड्राइवरों को यातायात नियमों का पाठ पढ़ाया गया और चेतावनी दी गई कि बच्चों की जान के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।





