सिलौंडी / ढीमरखेड़ा। कहते हैं जब घर की शांति भंग होती है तो सबसे पहले महिलाएं ही आगे आती हैं। ऐसा ही नजारा कटनी जिले के कछार गांव बड़ा में देखने को मिला, जहां अवैध शराब की पैकारी और कच्ची शराब के कारोबार से परेशान महिलाओं ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
*शराब के कारण बिगड़ रहा गांव का माहौल*
महिलाओं का आरोप है कि गांव में शाम ढलते ही कच्ची शराब का दौर शुरू हो जाता है। नशे में धुत लोग घरों में मारपीट करते हैं, गाली-गलौज करते हैं और बच्चों पर बुरा असर पड़ रहा है। युवा पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है, जिससे कई परिवार बर्बादी की कगार पर हैं।
*पंचायत से थाने तक गूंजी आवाज*
परेशान महिलाओं ने ग्राम सरपंच कैलाश चंद्र जैन को अपनी आपबीती सुनाई। सरपंच ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए सिलौंडी चौकी प्रभारी अनिल पांडे को पंचायत भवन बुलाया।
पंचायत भवन में बड़ी संख्या में एकत्र हुई महिलाओं ने चौकी प्रभारी के सामने अपना दर्द बयां किया और एक ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान सरपंच कैलाश चंद्र जैन और भाजपा मंडल उपाध्यक्ष शैलेश जैन भी महिलाओं के साथ खड़े नजर आए।
*महिलाओं की चेतावनी - कार्रवाई नहीं तो आंदोलन*
ज्ञापन में महिलाओं ने स्पष्ट कहा है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री बंद नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर चक्काजाम और थाने का घेराव करेंगी।
वहीं सिलौंडी चौकी प्रभारी अनिल पांडे ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ जल्द ही सघन अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।





