गांव भरभड़िया में पुराने बस स्टैंड समीप स्थित शासकीय स्कूल की ओर जाने वाले (शमशान से पुराने बस स्टेंड की ओर ) मार्ग के किनारे बना खुला नाला विद्यार्थियों, ग्रामीणों और अन्य राहगीरों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। लगभग 4 फीट चौड़े और 4 फीट गहरे इस खुले नाले के पास से प्रतिदिन स्कूली बच्चों सहित ग्रामीणों और राहगीरों का आवागमन होता है।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सड़क संबंधी जानकारी के अनुसार, नाले से सटी सड़क के निर्माण के लिए ₹7 लाख 26 हजार की राशि स्वीकृत थी। यह कार्य 15वें वित्त एवं मनरेगा योजना के तहत कराया गया था। सड़क का कार्य अक्टूबर 2021 में पूर्ण हुआ अब सवाल उठता है की यदि सड़क निर्माण हुऐ लगभग पांच वर्ष बीत गये वही यह नाला पक्की सड़क से पहले बना हुआ है इसके बावजूद सड़क के किनारे स्थित नाला खुला पड़ा होना स्वयं में एक बड़ा प्रश्न खडा करता है। विशेषकर स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह स्थिति चिंता का विषय बनती है।
क्या किसी दुर्घटना का इंतजार ?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सड़क का निर्माण वर्ष 2021 में पूर्ण हो चुका था, तो सड़क से सटे इस खुले नाले की सुरक्षा के लिए अब तक स्थायी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
क्या पंचायत के पास नाले को सुरक्षित करने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है? नाले के किनारे सुरक्षा दीवार, प्री-कास्ट दीवार, मजबूत फेंसिंग, बैरिकेडिंग अथवा अन्य सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं।
बरसात के दौरान नाले में पानी का बहाव बढ़ने पर खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों के साथ-साथ ग्रामीणों और अन्य राहगीरों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभाग एवं ग्राम पंचायत से आवश्यक कदम उठाने की अपेक्षा है।
सवाल
सड़क वर्ष 2021 में बनकर तैयार हो गई, लेकिन सड़क से सटा खुला नाला आज भी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजार क्यों कर रहा है?
स्वतंत्र बौद्धिकपत्र की “जमीनी हकीकत” श्रृंखला में हम आगे भी गांव की ऐसी समस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति को सामने लाते रहेंगे।
— मधुसूदन शर्मा
संपादक, स्वतंत्र बौद्धिकपत्र





