सिलौंडी चौकी क्षेत्र में इन दिनों अवैध शराब का कारोबार चरम पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि चौकी के अंतर्गत आने वाले लगभग हर गांव में कच्ची और पक्की दोनों तरह की शराब खुलेआम बेची जा रही है, लेकिन आबकारी और पुलिस विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
हर गांव में सज रही है अवैध शराब की महफिल।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक दर्जनों गांवों में शाम होते ही शराब का बाजार सज जाता है। कहीं किराना दुकान की आड़ में, तो कहीं ढाबों और घरों से पक्की शराब की पैकारी और कच्ची शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के युवा नशे की गिरफ्त में आकर बर्बाद हो रहे हैं, घरों में रोज झगड़े हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।
कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे हैं कई सवाल।
आबकारी और पुलिस विभाग द्वारा कार्रवाई न करने के कारण अब ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का सीधा आरोप है
"जब हर गांव में शराब बिक रही है, तो क्या पुलिस और आबकारी को इसकी जानकारी नहीं है? या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है? आखिर इस चुप्पी के पीछे क्या कारण है?"
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद भी सिर्फ खानापूर्ति की जाती है, बड़े पैकारों पर हाथ नहीं डाला जाता।
*महिलाओं ने भी खोला मोर्चा*
कछार गांव बड़ा में तो महिलाओं ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि शराब ने उनके परिवारों को तोड़ दिया है।
*ग्रामीणों ने कलेक्टर कटनी और एसपी कटनी से मांग की है कि सिलौंडी चौकी क्षेत्र के सभी गांवों में आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा सघन छापेमार अभियान चलाया जाए और अवैध शराब कारोबार पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।*




