ढीमरखेड़ा, कटनी।* ढीमरखेड़ा तहसील की ग्राम पंचायत देगवां महगवां इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का गढ़ बन गई है। आरोप है कि पंचायत के उपसरपंच जनक कुमार खुद रेत माफिया बनकर सरपंच के संरक्षण में दिन-रात अवैध रेत का खनन और सप्लाई कर रहे हैं।
*पंचायत के काम में ही खपा रहे अवैध रेत, फिर फर्जी बिलों से निकाल रहे पैसा*
ग्रामीणों ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। नदी-नालों से चोरी की गई इसी अवैध रेत को पंचायत के निर्माण कार्यों - सीसी रोड, नाली, भवन निर्माण में उपयोग किया जा रहा है। इसके बाद कागजों में बाहर से रेत खरीदने के फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये के शासकीय फंड का बंदरबांट किया जा रहा है।
यानी चोरी की रेत, और पैसा भी हजम।
*प्रशासन की चुप्पी पर सवाल*
सबसे बड़ा सवाल राजस्व और खनिज विभाग की भूमिका पर है। पंचायत में ट्रैक्टर-ट्रॉली से दिन-दहाड़े रेत ढोई जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं। प्रशासन की इस मौन सहमति से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कलेक्टर स्तर से निष्पक्ष जांच हो तो लाखों के राजस्व नुकसान और फर्जीवाड़े का बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।





