ढीमरखेड़ा भारतीय किसान संघ महाकोशल प्रांत ने ढीमरखेड़ा में बड़ी किसान सभा कर सरकार को चेताया। सभा का मुख्य मुद्दा रहा - भावांतर योजना। किसानों ने एक स्वर में कहा कि यह योजना कागजों पर अच्छी लगती है, लेकिन जमीन पर छोटे किसान के लिए आफत है।
क्या है किसानों की परेशानी
किसानों ने कहा, गांव से 30-40 किमी दूर बने केंद्र तक ट्रैक्टर में उपज ले जाना, फिर दिनभर लाइन में लगना, छोटे किसान के बस का नहीं। भाड़ा और मजदूरी जोड़ दें तो भावांतर का लाभ ही खत्म हो जाता है।
*अब नहीं बिखरेंगे, संगठित होंगे*
सभा में तय हुआ कि अब हर गांव-गांव में किसान संघ को मजबूत किया जाएगा। किसानों को बाजार के भाव, एमएसपी, सरकारी योजनाओं और उनके हकों के बारे में जागरूक किया जाएगा ताकि कोई भी योजना उन पर थोपी न जा सके।
सभा को भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष हेतलाल पटेल, प्रांतीय संगठन मंत्री पुरन लाल शर्मा (भिंड), संभाग के नंद कुमार परोहा (जबलपुर), कटनी जिला अध्यक्ष राजेंद्र पटेल और ढीमरखेड़ा तहसील अध्यक्ष बसंत मिश्रा ने संबोधित किया। इस दौरान सतीश ज्योतिष, सुनील तिवारी, विनोद पुरी, रामभाई पटेल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।




