ढीमरखेड़ा |ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और NSUI ने गुरुवार को केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के विरोध में ‘काला दिवस’ मनाते हुए कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और SDM के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष आनंद मिश्रा ने किया।
*ज्ञापन में दोहरी मार - राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दे*
लोकतंत्र पर हमले का आरोप:
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और INDIA गठबंधन के सांसदों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या बताते हुए कांग्रेस ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
ढीमरखेड़ा की जमीनी हकीकत:
ज्ञापन में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को उजागर किया गया, जो सालों से लंबित हैं -
*सड़क नहीं, गड्ढे हैं:* घुघरा से कछारगांव और बड़ी पौड़ी पंचायत का मुख्य मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है।- *बिजली विभाग की मनमानी:* ग्रामीणों को बिना रीडिंग के हजारों के बिल थमाए जा रहे हैं- *अधूरा विकास:संगमा-लालपुर-दतला नदी पर पुल न होने से ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।
*प्यासा ढीमरखेड़ा:* नालियों में बिछी पेयजल पाइपलाइन से दूषित पानी आ रहा है, लोग बीमार हो रहे हैं।
*शिक्षा और नशा:* 2016 में घोषित खमरिया हाईस्कूल आज तक कागजों में है, वहीं अवैध शराब की पैकरियां गांव-गांव में युवाओं को बर्बाद कर रही हैं।
*छात्रों की अलग हुंकार*
NSUI जिला महासचिव सागर शुक्ला के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज की बदहाली पर अलग ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने मांग की कि शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा में PG (M.A., http://M.Sc.) शुरू हो, NCC विंग खुले, बसों में छात्रों को किराया में छूट मिले और ITI का भवन ढीमरखेड़ा में ही बने।* कांग्रेस ने साफ कहा - अगर 15 दिन में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक उग्र आंदोलन होगा।
: पूर्व विधायक विजय राघवेंद्र सिंह, रणजीत सिंह, मुकेश परोहा, अजय खटीक, सागर शुक्ला, ओमकार शर्मा, सुखचैन पटेल, मनोज चौरसिया, सत्तू सोनी, शिवा नामदेव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता।





