ढीमरखेड़ा शासन की मंशा पर ठेकेदार पलीता लगा रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण ढीमरखेड़ा में निर्माणाधीन जनपद पंचायत भवन है
जानकारी के अनुसार इस भवन की प्रशासकीय स्वीकृति *525.67 लाख रुपये* है। इतनी बड़ी लागत के बावजूद निर्माण की गुणवत्ता पर स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
निर्माण में रेत की जगह सस्ती *भसुआ मिट्टी और क्रेशर डस्ट* का उपयोग किया जा रहा है। वहीं छत की ढलाई में भी तकनीकी मानकों को दरकिनार किया जा रहा है।
यह भवन सरकारी कामकाज के लिए सुरक्षित और मजबूत बनाया जाना था, लेकिन घटिया सामग्री के उपयोग से इसकी मजबूती पर ही सवाल खड़ा हो गया है।
*प्रशासन से मांग -*
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि कलेक्टर कटनी इस मामले को संज्ञान में लें। निर्माण सामग्री के सैंपल की लैब जांच हो, तकनीकी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो और जांच तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए।





