ज्योति बैरागी ने कलेक्टर से लगाई गुहार - बोलीं, भवन स्वीकृत है, जमीन भी है, पर डिलीवरी के लिए आज भी भटक रही हैं महिलाएं*
*कटनी/ढीमरखेड़ा।* ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के दावे कागजों में तो खूब हैं, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही है। इसका जीता जागता उदाहरण है ढीमरखेड़ा ब्लॉक का ग्राम मुरवारी।
*प्रसूति सहायता केंद्र और डॉक्टर आवासीय भवन* के लिए भूमि और बजट दोनों स्वीकृत हो चुका है, लेकिन सालों बाद भी निर्माण अधूरा है। बिल्डिंग वीरान पड़ी है, कहीं ताला लटका है तो कहीं दीवारें अधूरी हैं। नतीजा, 10 हजार से अधिक की आबादी वाले क्षेत्र के मरीज आज भी डॉक्टर के लिए तरस रहे हैं।
*जनपद सदस्य ने उठाई आवाज*
इस गंभीर लापरवाही को लेकर जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के क्षेत्र क्रमांक 22 मुरवारी (सनकुई) की जनपद सदस्य एवं *महिला बाल एवं स्वास्थ्य विभाग की सभापति ज्योति बृजभूषण बैरागी* ने कलेक्टर कटनी के समक्ष मोर्चा खोला है।
उन्होंने पत्र क्रमांक *46/26 * के माध्यम से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की ब्लॉक स्तरीय जांच की मांग की है।
*"प्रसव के लिए 30 किलोमीटर जाना पड़ता है"*
ज्योति बैरागी ने पत्र में उल्लेख किया है कि मुरवारी में स्वास्थ्य केंद्र का भवन तो है, पर उसमें न डॉक्टर की पदस्थापना हुई है और न ही प्रसूति सहायता केंद्र शुरू हो पाया है।
यदि इस भवन की जांच कराकर डॉक्टर की नियुक्ति और प्रसूति ब्लॉक चालू कर दिया जाए, तो मुरवारी सहित आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए ढीमरखेड़ा या कटनी तक नहीं भागना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने भी मांग की है कि कलेक्टर महोदय स्वयं संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दें।




