जिला सदस्य अजय गोतिया ने उठाया मुद्दा।
ढीमरखेड़ा के ग्राम तिलमन में गरीब आदिवासी परिवारों को 25 साल के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार अपनी जमीन पर कब्जा मिल गया। 5 नवंबर 2026 को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर दबंगों के कब्जे वाली जमीनों की नपाई कराकर गरीब आदिवासियों को कब्जा दिलाया।
*2000-2001 में मिले थे पट्टे*
ग्राम तिलमन में वर्ष 2000-2001 में गरीब आदिवासियों को जमीन के पट्टे दिए गए थे। लेकिन पट्टा मिलते ही दबंगों ने उन जमीनों पर कब्जा कर लिया। पिछले 25 वर्षों से गरीब आदिवासी परिवार राजस्व अधिकारियों के चक्कर लगाकर परेशान थे, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिल रहा था।
इस मामले की जानकारी लगते ही जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय गोटिया* ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया। उन्होंने पत्राचार के माध्यम से *राष्ट्रीय जनजाति आयोग नई दिल्ली* एवं *राष्ट्रीय जनजाति आयोग भोपाल* को पूरे मामले से अवगत कराया।
इसके बाद अजय गोटिया ने कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी से मुलाकात कर गांव के लोगों की समस्याओं से अवगत कराया। कलेक्टर ने मामले में तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।
*संयुक्त टीम ने दिलाया कब्जा*
कलेक्टर के निर्देश पर आज दिनांक *05.11.2026* को पुलिस विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची। टीम ने दबंगों द्वारा कब्जा की गई जमीनों की नपाई कराई और सभी पट्टाधारी आदिवासी परिवारों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाया।
*कब्जा मिलने के बाद आदिवासी महिलाओं ने अजय गोटिया और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 25 साल के संघर्ष के बाद आज उन्हें उनकी जमीन मिली है।*





